बिहार में न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के लिए 'ट्रायल इन एब्सेंशिया' का दायरा बढ़ाया गया है। अब दस साल से कम सजा वाले मुकदमों में भी आरोपी की अनुपस्थिति में सुनवाई होगी। इस कदम से लंबित मामलों की सुनवाई में गति आएगी और न्याय प्रणाली में सुधार होगा, जिससे कम सजा वाले मामलों में भी समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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