मुजफ्फरपुर के इंजीनियर नाज ओजैर ने पांच वर्ष की रिसर्च के बाद मक्के के छिलके से पर्यावरण-अनुकूल कप, प्लेट और अन्य उत्पाद विकसित किए हैं। यह पेटेंटेड तकनीक सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रभावी विकल्प प्रस्तुत करती है। इस नवाचार से स्थानीय स्तर पर आठ लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिससे प्लास्टिक प्रदूषण कम करने में सहायक भूमिका निभाई जा रही है।
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