किडनी (Kidney) की बीमारी (CKD) में रीज और परिवार की ७ आम गलतियाँ By: Dr. A. K. Gupta
डॉ. ए. के. गुप्ता ने क्रोनिक किडनी रोग (CKD) के मरीजों को पेनकिलर्स से बचने, ब्लड प्रेशर व शुगर नियंत्रित रखने और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार व्यक्तिगत आहार व पानी की मात्रा निर्धारित करने की सलाह दी है। उन्होंने नियमित जाँच और सही समय पर नेफ्रोलॉजिस्ट से परामर्श लेने पर जोर दिया है ताकि किडनी के नुकसान को कम किया जा सके।
CKD में होने वाली गलतियाँ :
● Painkiller roz khana
● BP control nahi
● Sugar high
● Neem hakam se protein powder
● Pani ka galat hisab
● Anemia ignore
● Namak zyada lena
● Doctor shopping reports nahi
● Dialysis se darna fistula late
● Self medication acidity antibiotic
CKD (क्रोनिक किडनी रोग) में सही आदतें
1. BP कंट्रोल रखें: डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड प्रेशर का लक्ष्य रखें।
2. शुगर कंट्रोल रखें: डायबिटीज होने पर नियमित शुगर और HbA1c की जाँच कराएँ।
3. नमक कम खाएँ: अधिक नमक, अचार, पापड़ और पैकेट वाले नमकीन से बचें।
4. Painkiller बिना सलाह न लें: Ibuprofen, Diclofenac जैसी दवाएँ किडनी को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
5. नियमित जाँच कराएँ: डॉक्टर की सलाह के अनुसार Creatinine, eGFR, Urine ACR, पोटैशियम और अन्य जरूरी जाँच कराएँ।
6. Nephrologist से मिलें: किडनी विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार इलाज जारी रखें।
7. पानी उचित मात्रा में पिएँ: पानी की मात्रा किडनी की स्थिति, पेशाब और सूजन के अनुसार डॉक्टर से तय कराएँ।
8. संतुलित आहार लें: प्रोटीन, पोटैशियम और फॉस्फोरस की मात्रा CKD के स्टेज और रिपोर्ट के अनुसार रखें।
9. दवाएँ नियमित लें: डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद या उसकी खुराक में बदलाव न करें।
10. व्यायाम और वजन पर ध्यान दें: क्षमता के अनुसार नियमित चलें, धूम्रपान से बचें और स्वस्थ वजन बनाए रखें।
याद रखें: हर CKD मरीज के लिए पानी, प्रोटीन और पोटैशियम की जरूरत अलग होती है। सभी मरीजों के लिए एक ही डाइट चार्ट या पानी की मात्रा सही नहीं होती। अपने डॉक्टर या किडनी डाइटिशियन से व्यक्तिगत सलाह लें।
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