भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में शरीर के दाहिने भाग को अत्यंत पवित्र, सात्विक और शुभ माना गया है। यही कारण है कि वैदिक काल से ही पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े अधिकांश कार्य दाहिने हाथ (सीधे हाथ) से करने का विधान रहा है। भगवान को जल, पुष्प, अक्षत, नैवेद्य या प्रसाद अर्पित करने... पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें 👇
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