Breaking
बिहार: लुंगी-टीशर्ट पहन बरामदे में बैठे, कुल देवी से लिया आशीर्वाद; गांव पहुंचे अभिनेता संजय मिश्रा का देसी अंदाज ● रणजी संग्राम: दूसरे दिन रजत पाटीदार का धमाका या बिहार की वापसी, कौन मारेगा बाजी? ● MLC चुनाव के नतीजों से पहले प्रशांत किशोर की पार्टी का मैनेजर लापता ● गंगवारा के दो फीडरों की बिजली आज सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बंद रहेगी ● 10 से 13 नवंबर तक मनेगा चित्रगुप्त पूजनोत्सव, भव्य आयोजन की तैयारी ● अनंत सिंह के समर्थन वाले अनुज सिंह का क्या होगा? आज आएंगे 8 सीटों के नतीजे ● दरभंगा MLC चुनाव: 53 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज: सुबह 8 बजे से काउंटिंग, 56 CCTV से निगरानी; 14-14 टेबल पर गिनती ● Kushinagar: खैरवा घाट पर 25 करोड़ से बनेगा पुल, यूपी-बिहार के 50 हजार आबादी को मिलेगी सहूलियत ● त्रिकुट पहाड़ में बंदरों का आतंक, बिहार से आए पर्यटक को किया घायल ● कौन हैं IAS डॉ. त्यागराजन एसएम? जिन्हें मोदी सरकार बिहार से दिल्ली बुलाकर दे सकती है बड़ी जिम्मेदारी ● बिहार: लुंगी-टीशर्ट पहन बरामदे में बैठे, कुल देवी से लिया आशीर्वाद; गांव पहुंचे अभिनेता संजय मिश्रा का देसी अंदाज ● रणजी संग्राम: दूसरे दिन रजत पाटीदार का धमाका या बिहार की वापसी, कौन मारेगा बाजी? ● MLC चुनाव के नतीजों से पहले प्रशांत किशोर की पार्टी का मैनेजर लापता ● गंगवारा के दो फीडरों की बिजली आज सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बंद रहेगी ● 10 से 13 नवंबर तक मनेगा चित्रगुप्त पूजनोत्सव, भव्य आयोजन की तैयारी ● अनंत सिंह के समर्थन वाले अनुज सिंह का क्या होगा? आज आएंगे 8 सीटों के नतीजे ● दरभंगा MLC चुनाव: 53 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज: सुबह 8 बजे से काउंटिंग, 56 CCTV से निगरानी; 14-14 टेबल पर गिनती ● Kushinagar: खैरवा घाट पर 25 करोड़ से बनेगा पुल, यूपी-बिहार के 50 हजार आबादी को मिलेगी सहूलियत ● त्रिकुट पहाड़ में बंदरों का आतंक, बिहार से आए पर्यटक को किया घायल ● कौन हैं IAS डॉ. त्यागराजन एसएम? जिन्हें मोदी सरकार बिहार से दिल्ली बुलाकर दे सकती है बड़ी जिम्मेदारी ●

— Advertisement —

Technology

एआई डेटा सेंटरों द्वारा पानी की अत्यधिक खपत: पर्यावरण पर बढ़ता दबाव

Published on 11 June 2026, 03:44 AM 151 Views

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटरों की बढ़ती संख्या पर्यावरण पर भारी दबाव डाल रही है, क्योंकि ये हर दिन लाखों गैलन पानी का उपभोग करते हैं. यह पानी मुख्य रूप से सर्वर को ठंडा रखने के लिए उपयोग किया जाता है, जो एआई प्रोसेसिंग के दौरान अत्यधिक गर्मी उत्पन्न करते हैं.

एआई तकनीक के तीव्र विस्तार के साथ, डेटा सेंटरों की पानी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है और पर्यावरणीय स्थिरता को लेकर चिंताएं पैदा हो रही हैं. दरभंगा जैसे क्षेत्रों में, जहां जल संरक्षण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, इस तरह की जानकारी तकनीकी विकास के पर्यावरणीय प्रभावों पर विचार करने की आवश्यकता पर बल देती है. यह स्थानीय समुदायों और नीति निर्माताओं के लिए टिकाऊ तकनीकी समाधानों और जल-कुशल डेटा सेंटर प्रौद्योगिकियों को अपनाने की दिशा में सोचने का अवसर प्रदान करता है, ताकि विकास और पर्यावरण संतुलन के बीच सामंजस्य स्थापित किया जा सके.


Your Reaction

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a Comment