कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सीमाएं: एक रोबोट पुलिस अधिकारी की विफलता
ओहायो के डबलिन शहर में ₹63 लाख की लागत से तैनात 'डबबॉट' नामक एक रोबोट पुलिस अधिकारी को एक साल की सेवा के बाद हटा दिया गया है. यह रोबोट अपने कार्यकाल के दौरान एक भी अपराधी को पकड़ने या पुलिस की सहायता करने में विफल रहा, जिससे इसके प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं.
डबलिन पुलिस ने इस रोबोट को सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाने और निगरानी रखने के उद्देश्य से एक पायलट कार्यक्रम के तहत जुलाई 2025 में तैनात किया था, लेकिन यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका. 'डबबॉट' असल में नाइटस्कोप कंपनी का K5 ऑटोनोमस सिक्योरिटी रोबोट था, जिसमें 360 डिग्री कैमरे और इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं थीं. यह घटना दर्शाती है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स को कानून प्रवर्तन जैसे जटिल क्षेत्रों में लागू करने से पहले गहन परीक्षण और मूल्यांकन की आवश्यकता है, खासकर जब मानवीय हस्तक्षेप और निर्णय लेने की क्षमता महत्वपूर्ण हो.
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