जल संसाधन प्रबंधन में उपग्रह प्रौद्योगिकी का बढ़ता उपयोग
जल शक्ति मंत्रालय और इसरो ने जल संसाधन प्रबंधन के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ाने हेतु एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत जलाशय निगरानी, जल-प्रसार आकलन और जल गुणवत्ता आकलन सहित 24 अनुसंधान क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा.
जल शक्ति मंत्रालय और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बीच हुए इस समझौते का उद्देश्य जल संसाधनों के अवलोकन, मूल्यांकन, पूर्वानुमान और प्रबंधन में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की क्षमता का लाभ उठाना है. यह सहयोग 1 जून 2026 से प्रभावी हो गया है, जिसमें दोनों संगठन 24 प्रमुख अनुसंधान क्षेत्रों पर मिलकर काम करेंगे. बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्यों के लिए यह पहल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण में उपग्रह डेटा का उपयोग किसानों और स्थानीय प्रशासन को बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकता है.
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