डिजिटल स्वतंत्रता बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा: टेलीग्राम प्रतिबंध पर बहस
दिल्ली हाई कोर्ट में टेलीग्राम पर संभावित प्रतिबंध को लेकर सुनवाई चल रही है, जहां केंद्र सरकार ने दावा किया है कि यह प्लेटफॉर्म आतंकवादी गतिविधियों और पेपर लीक के लिए 'नया डार्क वेब' बन गया है. टेलीग्राम के सीईओ ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे भारत के 15 करोड़ युवाओं को दंडित किया जा रहा है, जो ऐप का वैध उपयोग करते हैं.
सरकार ने नीट परीक्षा के पेपर लीक जैसे मामलों का हवाला देते हुए टेलीग्राम के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश दिया था, जिसमें मैसेज एडिट फीचर को भी 30 जून तक बंद करने की बात कही गई थी. इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से लिखित दलीलें मांगी हैं, जबकि टेलीग्राम ने अपनी पहुंच को रोकने के पीछे रिलायंस पर आरोप लगाए हैं. यह विवाद भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्वतंत्रता, उपयोगकर्ता की गोपनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौती को उजागर करता है.
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